বিদ্যুৎ পাল
Storage of my writings to share.
Thursday, October 27, 2022
শিকড়
›
চলা যখন শুরু হল শিকড়ের সমস্যা নিয়ে বাড়াবাড়ি তখন ছিল না। আমরা সদ্য জেনেছিলাম আমরাই শিকড়। আমাদের শিকড়? ধ্যুৎ, তা আবার হয় নাকি? প্রথমে...
Tuesday, October 25, 2022
पार्टी पुनर्गठन के प्रारम्भिक वर्ष – उमाकांत शुक्ल
›
संशोधनवाद के विरूद्ध लम्बे संघर्ष के बाद सन् 1964 में कलकत्ता पार्टी कांग्रेस के साथ ही भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के रूप में ...
कम्युनिस्ट पार्टी में ब्रांच सचिव का कर्त्तव्य – हन्नान मोल्ला
›
पहले तो कम्युनिस्ट पार्टी जैसे क्रांतिकारी दल में एक ब्रांच का महत्व समझना जरूरी है। जैसे मानव शरीर अनगिनत सेल का समन्वय है, ऐसे ही मजदूर वर...
समाजवाद क्यों ? – अलबर्ट आइंस्टाइन
›
पूंजीवादी समाज में आज जो आर्थिक अराजकता व्याप्त है, मेरी राय में वही सभी बुराई का वास्तविक उद्गम है। अपने सामने हम उत्पादकों के एक विशाल समु...
बिहार में कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना - सर्वोदय शर्मा
›
बिहार में भी कम्युनिस्ट आंदोलन का बीजारोपण विचारधारात्मक राजनैतिक कठिन संघर्षों, लड़ाकू जन आंदोलनों और दमन से गुजरते हुए देश कौ आजादी के आंद...
Sunday, October 23, 2022
তৃতীয় দেশ
›
দেশভাগে একটা থেকে দুটো নয় তিনটে দেশ তৈরি হয়। প্রথম, যেটা ছিল। দ্বিতীয়, যেটা কেটে বেরুল। তৃতীয়, ওই দুটোর বুকে ছড়ান উদ্বাস্তু শিবির। শিবিরে নে...
একটু অন্যরকম পড়া
›
“আমরা মধ্যম পথে বিকেলের ছায়ায় রয়েছি একটি পৃথিবী নষ্ট হয়ে গেছে আমাদের আগে; আরেকটি পৃথিবীর দাবী স্থির করে নিতে হলে লাগে সকালের আকাশের মত বয়স; ...
‹
›
Home
View web version